बादलों की आँख मिचौली
सूरज से और
धूप की मुझसे
ढूँढती हूँ छाव
जहाँ हो बादलों का
भी आना जाना
गौरेय्या की छुपा छूपी
पेड़ों के झुरमुट से और
सर्द हवाओं की मुझसे
ढूँढती हूँ एक आड़
जहाँ हूँ गौरेय्या का
भी फुदकना
गजक, रेवड़ी, मूँगफली
की जिद मिठास से और
अदरक की चाय की मुझसे
ढूँढती हूँ कोई साथ
जब मुमकिन हो
कॉफी का भी मजा लेना
चुटकुले किस्से की लड़ाई
भरी दुपहर से
चाट पकौड़े के
के नुक्कड़ की मुझसे
ढूँढती हूँ कुछ साथी
जहाँ हो सके
कुछ सुनना सुनाना
सूरज से और
धूप की मुझसे
ढूँढती हूँ छाव
जहाँ हो बादलों का
भी आना जाना
गौरेय्या की छुपा छूपी
पेड़ों के झुरमुट से और
सर्द हवाओं की मुझसे
ढूँढती हूँ एक आड़
जहाँ हूँ गौरेय्या का
भी फुदकना
गजक, रेवड़ी, मूँगफली
की जिद मिठास से और
अदरक की चाय की मुझसे
ढूँढती हूँ कोई साथ
जब मुमकिन हो
कॉफी का भी मजा लेना
चुटकुले किस्से की लड़ाई
भरी दुपहर से
चाट पकौड़े के
के नुक्कड़ की मुझसे
ढूँढती हूँ कुछ साथी
जहाँ हो सके
कुछ सुनना सुनाना